Search

BREAKING
स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं ‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR CM योगी आदित्यनाथ आज आएंगे गाजियाबाद, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में CM योगी बोले- ‘UP भारत की आत्मा है’ होली पर गोरखनाथ मंदिर में CM योगी का जनता दर्शन, इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा CM योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की भाजपा काशी क्षेत्र की समन्वय बैठक, तैयार‍ियों की परखी हकीकत CM Yogi का जापान दौरा: पहले दिन यूपी को मिला 11 हजार करोड़ का निवेश, नोएडा में बनेगा जापानी औद्योगिक शहर

दो गांवों का बदला इतिहास, YOGI सरकार ने नाम परिवर्तन को दी मंजूरी

January 31, 2026By The Daily Slate
उत्तर प्रदेश सरकार ने दो ग्राम पंचायतों के नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वीकृति के बाद हरदोई जनपद के विकासखंड भरावन की ग्राम पंचायत हाजीपुर का नाम बदलकर अब “सियारामपुर” कर दिया गया है। इसी तरह फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम उरमुरा किरार को नया नाम “हरिनगर” दिया गया है। इस फैसले के सामने आते ही दोनों क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है और लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। सरकारी स्तर पर जारी आदेश के अनुसार नाम परिवर्तन के बाद संबंधित विभागों में अभिलेखों को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राजस्व विभाग, पंचायत विभाग और अन्य प्रशासनिक इकाइयों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे आधिकारिक रिकॉर्ड में नया नाम दर्ज करें। इसमें ग्राम पंचायत के दस्तावेज, खतौनी, भू-अभिलेख, विकास योजनाओं से जुड़े कागजात और सरकारी योजनाओं की सूची शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस निर्णय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही अधिकारियों का कहना है कि नाम परिवर्तन केवल औपचारिक घोषणा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह लागू किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। स्थानीय स्तर पर पंचायत सचिवों और राजस्व कर्मियों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस निर्णय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर उत्सुक हैं कि बदलाव कितनी जल्दी जमीन पर दिखाई देगा। फिलहाल सरकारी मशीनरी रिकॉर्ड दुरुस्त करने की दिशा में सक्रिय हो गई है। प्रशासन का कहना है कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी और सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। आने वाले समय में सभी सरकारी दस्तावेजों और योजनाओं में नए नाम ही मान्य होंगे।