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CM Bhagwant Mann’s Europe tour canceled again, clearance not received from External Affairs Ministry! Read the whole matter

February 9, 2026By The Daily Slate
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का चेक रिपब्लिक और नीदरलैंड्स का प्रस्तावित आधिकारिक दौरा रद्द हो गया है. केंद्र सरकार ने उनके राजनीतिक क्लीयरेंस अनुरोध को लंबित रखते हुए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जिसके चलते तय कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. बता दें कि मुख्यमंत्री मान अगले महीने होने वाले इन्वेस्टर्स समिट से पहले विदेश में निवेश आकर्षित करने की तैयारी कर रहे थे. यह तीसरी बार है जब मुख्यमंत्री भगवंत मान को विदेश यात्रा के लिए राजनीतिक क्लीयरेंस नहीं मिल सका. इससे पहले जनवरी में उन्हें यूनाइटेड किंगडम और इजराइल के प्रस्तावित दौरे के लिए भी अनुमति नहीं दी गई थी. उससे पहले पेरिस ओलंपिक्स के दौरान फ्रांस यात्रा का अनुरोध भी अस्वीकार किया गया था. इस पूरे घटनाक्रम में विदेश मंत्रालय की भूमिका केंद्र में रही. स्थापित प्रोटोकॉल के तहत किसी भी मुख्यमंत्री को आधिकारिक विदेशी यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी लेनी होती है. हालांकि मंत्रालय आमतौर पर क्लीयरेंस देने या न देने के कारण सार्वजनिक नहीं करता, लेकिन बार-बार इनकार ने सवाल खड़े कर दिए हैं.

विपक्ष शासित राज्यों को निशाना बना रही है केंद्र- AAP

लगातार इनकार के बाद केंद्र और राज्य सरकार के संबंध एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार विपक्ष शासित राज्यों को निशाना बना रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के फैसले पंजाब जैसे राज्यों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी को नुकसान पहुंचाते हैं. इसमें निवेश, शिक्षा सहयोग और प्रवासी भारतीयों से संपर्क जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं. पार्टी की ओर से यह भी तर्क दिया गया है कि पहले अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री विदेश यात्राएं कर चुके हैं. ऐसे में केवल पंजाब के मामले में क्लीयरेंस रोके जाने को राजनीतिक भेदभाव के तौर पर देखा जा रहा है.

पंजाब में औद्योगिक निवेश के लिए यूरोप जाना था!

मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेक गणराज्य और नीदरलैंड्स में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना था. इस दौरे का उद्देश्य संभावित निवेशकों से मुलाकात और पंजाब में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना था. खास तौर पर अगले महीने प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट को देखते हुए यह दौरा अहम माना जा रहा था. एनडीवीटी के अनुसार, अब तीसरी बार यात्रा रुकने से मान सरकार और केंद्र के बीच टकराव और गहरा गया है. पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील माहौल में यह मामला केंद्र बनाम राज्य बहस को और तेज कर सकता है. इससे आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं.