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पंजाब CM ने शिक्षा के मुद्दे पर BJP को घेरा:बोले-गुजरात में सबसे ज्यादा पेपर लीक, देश में 2 तरह की शिक्षा व्यवस्था

March 30, 2026By The Daily Slate

पंजाब के स्कूलों में 1 अप्रैल से नया अब्सेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके तहत यदि कोई छात्र गैरहाजिर रहता है, तो उसके माता-पिता के मोबाइल पर तुरंत मैसेज भेजा जाएगा। वहीं, किसी शिक्षक के अनुपस्थित रहने पर इसकी सूचना जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को दी जाएगी।

इस बात की जानकारी सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू होगा और सभी स्कूलों में किताबें पहले ही पहुंचाई जा चुकी हैं। सीएम ने परीक्षा प्रणाली पर बोलते हुए कहा कि गुजरात में पेपर लीक की घटनाएं ज्यादा होती हैं, जिसे वहां “पेपर फूटा” कहा जाता है, जबकि पंजाब में अब तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पहले एक क्षेत्र के सभी छात्र टॉपर आए थे, जिसके बाद सरकार ने दोबारा परीक्षा करवाई।

पंजाब सीएम भगवंत और शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस जानकारी देते हुए।

पंजाब सीएम भगवंत और शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस जानकारी देते हुए।

दलियां खाने के लिए बना दी इमारते

 

सीएम ने कहा कि जिन देशों ने शिक्षा को प्राथमिकता दी, वे आज विकसित देशों में शामिल हैं। भारत में दो तरह की शिक्षा व्यवस्था है। एक अमीरों के लिए महंगी प्राइवेट शिक्षा और दूसरी आम लोगों के लिए सरकारी स्कूल है।

पहले सरकारी स्कूलों की इमारतें केवल मिड-डे मील (दलिया) तक सीमित कर दी गई थीं। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया और अब पंजाब में भी उसी दिशा में काम हो रहा है, ताकि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर खत्म किया जा सके।

जनगणना में टीचरों की डयूटी न लगाने का आग्रह

 

सीएम ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों से केवल पढ़ाई का काम लिया जाएगा और उन्हें अन्य जिम्मेदारियां नहीं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जनगणना भी होनी है, जिसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि शिक्षकों की ड्यूटी इसमें न लगाई जाए। इसके बजाय सरकार अन्य कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध करवाएगी।

25 सकूलों के नाम शहीदों के नाम पर

 

25 स्कूलों का नाम शहीदों और महान हस्तियों के नाम पर रखा गया है। वहीं, उनके संगरूर स्थित गांव के स्कूल का नाम जगसीर हवलदार के नाम पर है। छात्रों में उद्यमिता बढ़ाने के लिए “बिजनेस ब्लास्टर” स्कीम शुरू की गई है, जिसके तहत बच्चों ने 70 करोड़ रुपए तक की कमाई के आइडिया विकसित किए हैं।

19,279 करोड़ का बजट रखा गया

 

सरकार ने बीते 4 साल में शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव करते हुए सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने का दावा किया है। 2026-27 के लिए शिक्षा बजट 19 हजार 279 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले साल से 7% ज्यादा है। “शिक्षा क्रांति” का दूसरा चरण भी शुरू किया गया है, जिसके तहत 3 हजार 500 करोड़ रुपए का प्रोग्राम लॉन्च किया गया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पंजाब के स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए केरल को भी पीछे छोड़ा। साथ ही, 118 “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए जा चुके हैं।