Search

BREAKING
लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं ‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR CM योगी आदित्यनाथ आज आएंगे गाजियाबाद, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में CM योगी बोले- ‘UP भारत की आत्मा है’ होली पर गोरखनाथ मंदिर में CM योगी का जनता दर्शन, इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा CM योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की भाजपा काशी क्षेत्र की समन्वय बैठक, तैयार‍ियों की परखी हकीकत

जनता का स्वास्थ्य सबसे पहले! Zeera Distillery पर CM Mann का ऐतिहासिक फैसला

November 14, 2025By The Daily Slate

पंजाब सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए फिरोजपुर के ज़ीरा में स्थित मालब्रोस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (डिस्टलरी और एथनॉल प्लांट) को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान की नेतृत्व वाली सरकार ने जनता के स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण की रक्षा के लिए लिया है।

पंजाब में अब लोगों का स्वास्थ्य, उद्योगों के मुनाफे से ज्यादा महत्व रखता है। मुख्यमंत्री मान ने साफ़ कहा है कि प्रदूषण फैलाने वालों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं है।”

फैक्ट्री का रिकॉर्ड और कारण

ज़ीरा की यह डिस्टलरी कई सालों से पर्यावरण नियमों का उल्लंघन कर रही थी। हवा, पानी और मिट्टी सभी जगह प्रदूषण फैलाया जा रहा था। सरकार ने NGT (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में हलफनामा दाखिल किया, जिसमें माना गया कि फैक्ट्री ने लंबे समय से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया है।

सरकार का कहना है कि किसी भी उद्योग का मुनाफा, जनता के स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य के अधिकार से बड़ा नहीं हो सकता। फैक्ट्री मालिक ने पहले केवल इथेनॉल प्लांट चलाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार ने इसे साफ़ इंकार कर दिया।

‘Polluter Pays’ यानी प्रदूषण करने वाला ही भरे खर्च

पंजाब सरकार ने Polluter Pays सिद्धांत को लागू करने की मांग की है। इसका मतलब है कि जिस फैक्ट्री ने प्रदूषण फैलाया, वही उसकी सफाई और खर्च उठाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ज़ीरा का वातावरण पूरी तरह से साफ़ हो और इसका खर्च फैक्ट्री मालिक से ही वसूल किया जाएगा।

जनता और लोकल समूहों की जीत

यह फैसला ज़ीरा साँझा मोर्चा और पब्लिक एक्शन कमेटी (PAC) के लंबे संघर्ष की बड़ी जीत है। PAC ने कहा कि यह पहली बार है जब सरकार ने खुलकर माना कि एक उद्योग प्रदूषण फैला रहा है और उसे स्थायी रूप से बंद किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने यह साबित कर दिया है कि उनके लिए पंजाब की जनता का स्वास्थ्य और ‘रंगला पंजाब’ का सपना सबसे ज़रूरी है।

आगे की प्रक्रिया

इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई NGT में 24 नवंबर 2025 को होगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के पर्यावरण उल्लंघन को माफ़ नहीं किया जाएगा। ज़ीरा के नागरिक अब एक स्वस्थ और साफ़ वातावरण की उम्मीद कर सकते हैं।