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अब UPI से ट्रांजैक्शन होगा पहले से ज्यादा सेफ और फास्ट, गलत व्यक्ति को पैसे भेजने का नहीं रहेगा खतरा।

May 3, 2025By The Daily Slate

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब सभी UPI ऐप्स में पेमेंट से पहले जिस व्यक्ति को पैसे भेजने हैं, उसका असली नाम यानी बैंक में रजिस्टर्ड नाम ही दिखाई देगा। यह नियम पारदर्शिता बढ़ाने, फ्रॉड रोकने और डिजिटल ट्रांजैक्शन को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए लाया गया है। 30 जून 2025 से यह बदलाव सभी UPI ऐप्स में लागू होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि पेमेंट करने की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी, बस अब जिस नाम की पुष्टि होती है, वह सीधे बैंक के रिकॉर्ड से दिखेगा – जिससे यूज़र को सही व्यक्ति की पहचान मिल सकेगी।

अब यूजर को असली नाम ही दिखेगा

नए प्रावधान के मुताबिक अब वही नाम दिखेगा, जो बैंक की ओर से सत्यापित होगा यानी मतलब असली नाम होगा। अब तक UPI ऐप्स में क्यूआर कोड (QR Code) से लिया गया नाम, ग्राहक की ओर से लिखा गया उपनाम, फोन में सुरक्षित किए गए नाम या उपनाम दिखाए देते थे। इससे गलतियों और धोखाधड़ी की गुंजाइश रहती थी, क्योंकि धोखेबाज अक्सर नामों की नकल करके ग्राहकों को झांसे में डाल देते थे।

चूंकि कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस का डेटा बैंकों की ओर नियंत्रित होता है और सुरक्षित एपीआई (API) के जरिए हासिल किया जाता है, इसलिए इसे ग्राहक या ऐप की ओर से बदला नहीं जा सकता। इससे भुगतान करने वाले को सटीक, सत्यापित पहचान मिलेगी, जिससे गलत लेन-देन का खतरा कम होगा।

15 सेंकंड में हो जाएगा पेमेंट

UPI ट्रांजैक्शन भी पहले से दोगुनी तेजी से होगा। एनपीसीआई ने UPI सर्विस (UPI Services) को और तेज व विश्वसनीय बनाने के लिए नया रिस्पॉन्स टाइम तय किया है। एनपीसीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 16 जून से नए प्रोसेसिंग मानकों को लागू करें। इसके तहत रिक्वेस्ट पे और रिस्पॉन्स पे सर्विस का रिस्पॉन्स टाइम 30 सेकंड से घटाकर 15 सेकंड, चेक ट्रांजैक्शन स्टेटस और ट्रांजैक्शन रिवर्सल के लिए 10 सेकंड और वैलिडेट एड्रेस के लिए 10 सेकंड किया गया है। इसी तरह का बदलाव ट्रांजैक्शन रिवर्सल (डेबिट और क्रेडिट) के लिए तय किया गया है। यानी 16 जून से 15 सेकेंड में यूपीआई पेमेंट हो जाएगा, जिसमें अभी 30 सेकंड लगता है।