Search

BREAKING
स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं ‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR CM योगी आदित्यनाथ आज आएंगे गाजियाबाद, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में CM योगी बोले- ‘UP भारत की आत्मा है’ होली पर गोरखनाथ मंदिर में CM योगी का जनता दर्शन, इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा CM योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की भाजपा काशी क्षेत्र की समन्वय बैठक, तैयार‍ियों की परखी हकीकत CM Yogi का जापान दौरा: पहले दिन यूपी को मिला 11 हजार करोड़ का निवेश, नोएडा में बनेगा जापानी औद्योगिक शहर

“किसानों का पैसा लूटकर बना रहे महल, अब जनता सबक सिखाएगी” – Gujarat में Arvind Kejriwal का BJP पर बड़ा हमला

July 24, 2025By The Daily Slate

गुजरात के अरावली जिले के मोडासा में आयोजित किसान महासभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि “बीजेपी गरीब दूध उत्पादक किसानों का पैसा लूटकर अपने लिए ऐशो-आराम के महल बना रही है।” साथ ही उन्होंने मांग की कि साबर डेयरी प्रदर्शन के दौरान मारे गए किसान अशोक चौधरी के परिवार को राज्य सरकार और साबर डेयरी की तरफ से एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए।

अशोक चौधरी की मौत से भड़का मामला

मामला 14 जुलाई का है, जब गुजरात के हिम्मतनगर स्थित साबर डेयरी पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस दौरान इदर तालुका के जिंजवा गांव के 42 वर्षीय किसान अशोक चौधरी की मौत हो गई। किसानों की मांग थी कि डेयरी प्रॉफिट का सही हिस्सा उन्हें मिले। केजरीवाल ने इसे सरकार की “क्रूरता और भ्रष्टाचार” बताया।

“AAP किसानों के साथ खड़ी है”

केजरीवाल ने कहा,

“अगर अगली बार किसी किसान पर गोली चलाई जाएगी, तो वो गोली पहले अरविंद केजरीवाल के सीने से होकर जाएगी। AAP पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।”

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछले 5 सालों में 16% से 18% तक प्रॉफिट घोषित किया, लेकिन इस साल अचानक इसे 9.5% बता दिया गया है। “बाकी का पैसा कहां गया? ये पैसा या तो स्विस बैंक में गया है या फिर इससे बीजेपी के नेता महल, हेलिकॉप्टर, कारें और प्राइवेट जेट खरीद रहे हैं,” – केजरीवाल ने आरोप लगाया।

झूठे ऐलान कर रही है सरकार”

केजरीवाल ने दावा किया कि 18 जुलाई को जब AAP के नेता इसुदान गढ़वी ने ऐलान किया कि केजरीवाल और पंजाब CM भगवंत मान 23 जुलाई को गुजरात आएंगे, उसी दिन सरकार ने 17.5% प्रॉफिट देने की घोषणा कर दी, लेकिन वास्तव में कुछ भी नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसुदान गढ़वी अशोक चौधरी के घर मिलने गए थे, जो बेहद गरीब परिवार था और घर की छत तक नहीं थी। “सरकार ऐसे लोगों का पैसा लूटकर महल बना रही है। इन्हें पाप लगेगा और ये नरक में जाएंगे,” – केजरीवाल ने तीखे शब्दों में कहा।

“30 साल की सत्ता से बढ़ा घमंड”

केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में बीजेपी को 30 साल से सत्ता में बने रहने का घमंड हो गया है। “उन्हें लगता है कि वोटर कहीं नहीं जाएंगे, लेकिन अब लोग बदलाव चाहते हैं।”

भगवंत मान ने भी साधा निशाना

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी मंच से बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि

“CR पाटिल एक तरफ तो पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा की लड़ाई में mediator बनते हैं और दूसरी तरफ गुजरात की दूध यूनियनों की लड़ाई में भी घुसे हुए हैं। यहां तो हालत ये है कि दूध में पानी नहीं, बल्कि पानी में दूध मिलाया जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि बीजेपी जहां भी जाती है, अपने साथ अडानी और एक बड़ा “गैंग” भी ले जाती है। “अब लूट ज्यादा दिन नहीं चलेगी। लोगों के हाथ में अब नया बटन है – झाड़ू वाला बटन। पहले ये सिर्फ घर और ऑफिस की सफाई के लिए होता था, अब इससे देश की राजनीति और सिस्टम की सफाई होगी,” – मान ने कहा।

मुख्य बातें संक्षेप में:

  • केजरीवाल का आरोप – किसानों का पैसा लूटकर बीजेपी बना रही ऐशो-आराम के महल
  • मांग – अशोक चौधरी के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दे राज्य सरकार और साबर डेयरी
  • भगवंत मान ने भी किया हमला – “दूध में मिलाया जा रहा पानी, अब झाड़ू करेगा सफाई”
  • AAP ने कहा – सरकार झूठे वादे कर रही, किसान अब जागरूक हैं
  • 30 साल की सत्ता ने बीजेपी को दिया घमंड – केजरीवाल

ये मामला क्यों अहम है?

यह मामला सिर्फ एक किसान की मौत का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल उठाने वाला है। किसानों की आमदनी, सरकारी डेयरी के मुनाफे, सरकार की जवाबदेही – इन सब मुद्दों पर यह बहस छिड़ चुकी है। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा अहम बन सकता है।