Search

BREAKING
लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं ‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR CM योगी आदित्यनाथ आज आएंगे गाजियाबाद, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में CM योगी बोले- ‘UP भारत की आत्मा है’ होली पर गोरखनाथ मंदिर में CM योगी का जनता दर्शन, इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा CM योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की भाजपा काशी क्षेत्र की समन्वय बैठक, तैयार‍ियों की परखी हकीकत

दाखिलों में तेज़ वृद्धि उपचार नेटवर्क में बढ़ते विश्वास का प्रमाण: डॉ. बलबीर सिंह

September 7, 2026By The Daily Slate

‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत भगवंत मान सरकार के नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिल होने वाले मरीज़ों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि राज्य के उपचार ढाँचे के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का मज़बूत संकेत है।

सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिलों की संख्या वर्ष 2024 में 9,577 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 25,290 हो गई, इस तरह दाखिलों में 164 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। यही रुझान वर्ष 2026 में भी जारी रहा और जुलाई तक 14,000 से अधिक लोग सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल हो चुके थे।

गौरतलब है कि दाखिलों में यह वृद्धि मार्च 2025 में शुरू हुए ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के बाद देखने को मिली है। यह वृद्धि इस बात का मज़बूत संकेत है कि अधिक से अधिक परिवार और व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहे अपने प्रियजनों या स्वयं को कलंक के अंधेरे में रखने के बजाय उपचार केंद्रों तक पहुँचने के लिए आगे आ रहे हैं।

राज्य में इस पहल के बढ़ते प्रभाव का विशेष महत्त्व है, क्योंकि नशे की लत से जूझ रहे कई लोग उपचार की औपचारिक व्यवस्था का सहारा लेने से पहले वर्षों तक इस समस्या से जूझते रहे होंगे। उपचार और रिहैबिलिटेशन सुविधाएँ जैसे-जैसे नशा विरोधी पहल का अधिक दृश्यमान हिस्सा बन रही हैं, वैसे-वैसे ध्यान केवल समस्या की पहचान करने से आगे बढ़कर प्रभावित लोगों को सक्रिय रूप से उपचार से जोड़ने और उनके रिहैबिलिटेशन में सहयोग देने पर केंद्रित हो रहा है।

राज्य के रिहैबिलिटेशन नेटवर्क में भी इसी तरह की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिलों की संख्या वर्ष 2024 में 2,644 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 8,574 हो गई—यानी 224 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि। जुलाई 2026 तक ही 5,800 से अधिक लोग इन केंद्रों में दाखिल हो चुके थे, जो वर्ष 2025 में दर्ज कुल दाखिलों का लगभग 68 प्रतिशत है।

उपचार की बढ़ती पहुँच पंजाब के आउटपेशेंट ओपिओइड-असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिक नेटवर्क के माध्यम से भी दिखाई देती है। नए रजिस्ट्रेशन वर्ष 2024 में 13,033 से बढ़कर वर्ष 2025 में 17,702 हो गए, जबकि इस वर्ष अगस्त तक 12,500 से अधिक नए मरीज़ रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।

ये आंकड़े एक ऐसे व्यापक उपचार तंत्र की ओर संकेत करते हैं, जिसमें मादक पदार्थों पर निर्भरता से जूझ रहे लोगों के लिए सहायता प्राप्त करने के कई विकल्प उपलब्ध हैं—इनमें नशा मुक्ति केंद्रों और रिहैबिलिटेशन सुविधाओं से लेकर आउटपेशेंट ट्रीटमेंट तक शामिल हैं।

राज्य सरकार ने कानून के तहत उपलब्ध रिहैबिलिटेशन संबंधी प्रावधानों का भी उपयोग किया है। 27 अगस्त 2026 तक 11,000 से अधिक व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64A के तहत प्रतिरक्षा प्रदान की जा चुकी है। इस अधिनियम के तहत नशे की लत से पीड़ित अथवा मादक पदार्थों के सेवन या कब्जे के आरोप में नामजद लोगों को कानूनी प्रतिरक्षा प्रदान की जाती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “पंजाब के लिए दाखिलों में तेज़ वृद्धि इस पहल के सबसे उत्साहजनक संकेतकों में से एक साबित हो रही है: लोग लगातार आगे आ रहे हैं, परिवार संस्थागत सहायता की माँग कर रहे हैं और राज्य का उपचार नेटवर्क उन लोगों तक पहुँच रहा है, जो अन्यथा औपचारिक उपचार व्यवस्था से बाहर रह सकते थे।”

उन्होंने कहा, “‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ तीन स्तंभों पर आधारित है—तस्करों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई, प्रभावित लोगों के लिए उपचार एवं रिहैबिलिटेशन और हमारे बच्चों को नशे से बचाने के लिए रोकथाम, ताकि नशा उन तक पहुँचने से पहले ही उसे रोका जा सके। उपचार और रिहैबिलिटेशन के माध्यम से हमारा प्रयास लोगों को नशे की गिरफ्त से बाहर लाना, परिवारों को फिर से जोड़ना और मादक पदार्थों के दुरुपयोग से जूझ रहे लोगों को स्वास्थ्य सुधार की एक वास्तविक राह प्रदान करना है।”