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लोकसभा में मीत हेयर ने धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करने पर केंद्र सरकार को घेरा

July 30, 2026By The Daily Slate

संगरूर से आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्य गुरमीत सिंह मीत हेयर ने लोकसभा में प्रस्तुत जन सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा करते हुए देश के युवाओं के संघर्ष की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं की शक्ति ने पिछले 12 वर्षों से धर्म और जाति के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति करने वाली सरकार को आईना दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि अब प्रचार के बजाय शिक्षा और बेरोजगारी जैसे वास्तविक मुद्दे मुख्यधारा में आ गए हैं।

 

मीत हेयर ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आधी रात को सेल्फी वीडियो जारी करना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा और बेरोजगारी ही देश के वास्तविक मुद्दे हैं, जिनसे भाजपा बचना चाहती है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन ने भाजपा सरकार का वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया और उसकी नफरत की राजनीति को करारा झटका दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास शिक्षा के मुद्दे पर कोई ठोस जवाब नहीं है।

 

लोकसभा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री का आधी रात को सेल्फी वीडियो के माध्यम से स्पष्टीकरण देना केंद्र सरकार की घबराहट और बेचैनी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक को बड़े सुधार के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि जिन व्यवस्थाओं को सरकार नई उपलब्धि बता रही है, वे दुनिया के कई छोटे-छोटे देशों में पहले से लागू हैं।

 

मीत हेयर ने कहा कि नए विधेयक में सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है, जबकि सजा का प्रावधान पहले से ही मौजूद है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 से अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है। ऐसे में केवल सजा की अवधि बढ़ाने से कोई वास्तविक बदलाव नहीं आएगा।