Search

BREAKING
लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं ‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR CM योगी आदित्यनाथ आज आएंगे गाजियाबाद, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन भगवान नरसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में CM योगी बोले- ‘UP भारत की आत्मा है’ होली पर गोरखनाथ मंदिर में CM योगी का जनता दर्शन, इलाज के लिए आर्थिक मदद का भरोसा CM योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की भाजपा काशी क्षेत्र की समन्वय बैठक, तैयार‍ियों की परखी हकीकत

प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पीछे हुआ भारत- केजरीवाल

August 23, 2026By The Daily Slate

भारत को सालाना प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से भी पिछड़ने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पर कैपिटा इनकम में भारत बांग्लादेश से भी पीछे हो गया है। देश ने मोदी जी को प्रधानमंत्री इसलिए बनाया था कि वो हमें दुनिया का सबसे अमीर देश बनायेंगे। लेकिन उन्होंने तो भारत को बांग्लादेश से भी गरीब बना दिया। आज भारत की प्रति व्यक्ति आय 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है।

शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूं जिसे सुनकर हर देशभक्त को बड़ा धक्का लगेगा। भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब देश घोषित हो गया है। भारत की सालाना पर कैपिटा इनकम 2800 डॉलर है, जबकि बांग्लादेश की 2900 डॉलर है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे, तब हमारी पर कैपिटा इनकम बांग्लादेश से बहुत ज्यादा थी। 2014 में हमारी पर कैपिटा इनकम 1600 डॉलर थी और बांग्लादेश की 1100 डॉलर थी, लेकिन आज बांग्लादेश हमसे आगे निकल गया है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि स्विट्जरलैंड की पर कैपिटा इनकम 1,15,000 डॉलर है, सिंगापुर की 99,000 डॉलर और अमेरिका की 90,000 डॉलर है। 2014 में लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया था कि हम अमेरिका को पीछे छोड़ेंगे। हमें क्या पता था कि विश्व गुरु का सपना दिखाने वाले लोग देश को इतना लूटेंगे और चूसेंगे कि 12 साल बाद भारत, बांग्लादेश से भी ज्यादा गरीब हो जाएगा।